आयुष मिशन की अंतरराष्ट्रीय सफलता: 150 से अधिक देशों में भारतीय योग और पारंपरिक औषधियों को मिली औपचारिक मान्यता
आयुष संवाददाता (नई दिल्ली)
19 September 2026
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स्थान: जामनगर, गुजरात
मुख्य बिंदु:
- डब्ल्यूएचओ ने जामनगर केंद्र के सहयोग से जारी किए वैज्ञानिक क्लिनिकल ट्रायल परिणाम।
- हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात में 40% का उछाल।
- देशभर के एम्स और मेडिकल कॉलेजों में आयुष इंटीग्रेटेड ओपीडी शुरू।
<p>नई दिल्ली/जिनेवा। भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद और योग ने आधुनिक चिकित्सा जगत में अपने वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर लिया है। डब्ल्यूएचओ ने 150 सदस्य देशों के लिए एकीकृत स्वास्थ्य नीति में पारंपरिक भारतीय औषधियों को प्रमाणित उपचार पद्धति के रूप में शामिल करने की सिफारिश की है।</p><p>विशेष रूप से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और तनाव प्रबंधन में पंचकर्म और योग प्रोटोकॉल को शत-प्रतिशत प्रभावी पाया गया है। भारत से हर्बल उत्पादों का निर्यात 20 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।</p>