<p>नई दिल्ली। स्कूल शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को वर्ष में दो सत्रों में आयोजित करने का निर्णय लिया है।</p><p>छात्रों के पास यह स्वतंत्रता होगी कि वे चाहें तो दोनों सत्रों में शामिल हों और जिन विषयों में उनके अंक अधिक होंगे, उन्हें अंतिम अंकपत्र में शामिल किया जाएगा। इससे रट्टा मार पढ़ाई की जगह कॉन्सेप्ट आधारित समझ को बढ़ावा मिलेगा।</p>