<p>वाराणसी। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के द्वितीय चरण के तहत उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से गंगा नदी में गिरने वाले गंदे नालों को पूरी तरह टैप कर दिया गया है। कानपुर के कुख्यात जाजमऊ और सीसामऊ नालों के बाद अब प्रयागराज और मिर्जापुर में भी आधुनिक एसटीपी शत-प्रतिशत क्षमता से कार्य कर रहे हैं।</p><p>केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया कि नदी के पानी में घुलित ऑक्सीजन (DO) का स्तर अब स्नान और आचमन योग्य श्रेणी-ए में पहुंच चुका है, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है।</p>