नमामि गंगे 2.0: उत्तर प्रदेश के 24 शहरों में 100% सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू, नदियों के जल की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार
पर्यावरण डेस्क
19 September 2026
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स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश
मुख्य बिंदु:
- गंगा में गिरने वाले 110 से अधिक बड़े नालों का गंदा पानी अब सीधे एसटीपी में शोधित।
- कानपुर से वाराणसी के बीच गंगा डॉल्फिन की संख्या बढ़कर 4,000 के पार पहुंची।
- नदी तटों पर 50,000 हेक्टेयर में प्राकृतिक एवं जैविक खेती का विस्तार।
<p>वाराणसी। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के द्वितीय चरण के तहत उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से गंगा नदी में गिरने वाले गंदे नालों को पूरी तरह टैप कर दिया गया है। कानपुर के कुख्यात जाजमऊ और सीसामऊ नालों के बाद अब प्रयागराज और मिर्जापुर में भी आधुनिक एसटीपी शत-प्रतिशत क्षमता से कार्य कर रहे हैं।</p><p>केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया कि नदी के पानी में घुलित ऑक्सीजन (DO) का स्तर अब स्नान और आचमन योग्य श्रेणी-ए में पहुंच चुका है, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है।</p>